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REET New Syllabus 2024 : माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने जारी किया रीट का पाठ्यक्रम यहाँ से डाउनलोड करें

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रीट (REET) 2024 परीक्षा का आयोजन माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान (RBSE) द्वारा पुराने पैटर्न पर ही किया जाएगा। यह परीक्षा नई सरकार के गठन के बाद पहली बार आयोजित की जाएगी, जिसमें 18 लाख से अधिक उम्मीदवार हिस्सा लेंगे। राजस्थान के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों के उम्मीदवार भी इस परीक्षा में शामिल होंगे।

इस बार की परीक्षा की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए सबसे महत्वपूर्ण है रीट 2024 का नया सिलेबस। यहां हम आपको रीट प्रथम स्तर और द्वितीय स्तर के पाठ्यक्रम की विस्तृत जानकारी देंगे। विस्तृत विज्ञापन के जुलाई या अगस्त में जारी होने की संभावना है। आइए, जानें रीट के नए सिलेबस के बारे में विस्तार से।

REET LEVEL 1 2024 Exam Scheme

विषयप्रश्नों की संख्याअंक
बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र3030
भाषा प्रथम3030
भाषा द्वितीय3030
पर्यावरण अध्ययन व गणित6060
कुल150150

REET EXAM LEVEL 1 SYLLABUS

रीट परीक्षा लेवल – 1 माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने नया पाठ्यक्रम जारी नहीं किया है। पिचली बार जारी किया हुआ पाठ्यक्रम का अध्ययन करके आप अपनी तैयारी जारी रख सकते है । इस बार होने वाली रीट परीक्षा पुराने पैटर्न पर ही राज्य सरकार करवाने जा रही है । अत: आप पुराने पैटर्न पर तैयारी जारी रखे।

Child Dovelopment and Padagogy: बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र

  • बाल विकास: वृद्धि एवं विकास की अवधारणा, विकास के विभिन्न आयाम एवं सिद्धांत, विकास को प्रभावित करने वाले कारक
  • विशेषकर परिवार एवं विद्यालय के संदर्भ में तथा अधिगम से संबंध।
  • आनुवंशिकता और पर्यावरण की भूमिका।
  • Individual Differences: व्यक्तिगत अंतर का अर्थ, प्रकार और उसे प्रभावित करने वाले कारक।
  • व्यक्तित्व: संकल्पना, प्रकार व व्यक्तित्व को प्रभावित करने वाले कारक, व्यक्तित्व का मापन।
  • बुद्धि: संकल्पना, सिद्धान्त एवं इसका मापन, बहुबुद्धि सिद्धान्त एवं इसके निहितार्थ।
  • विविध अधिगमकर्ताओं की समझ: पिछड़े, विमंदित, प्रतिभाशाली, सृजनशील, अलाभान्वित- वंचित, विशेष आवश्यकता वाले बच्चे एवं
  • अधिगम अक्षमता युक्‍त बच्चे।
  • अधिगम में आने वाली कठिनाइयां
  • समायोजन की संकल्पना एवं तरीके, समायोजन में अध्यापक की भूमिका।
  • अधिगम का अर्थ एवं संकल्पना।
  • अधिगम को प्रभावित करने वाले कारक।
  • अधिगम के सिद्धान्त (व्यवहारवाद, गैस्टाल्टवाद, संज्ञानवाद, निर्मितिवाद) एवं इनके निहितार्थ।
  • बच्चे सीखते कैसे है।
  • अधिगम की प्रक्रियाएँ।
  • चिन्तन, कल्पना एवं तर्क – निर्मितिवाद उपागम,
  • आनुभविक अधिगम, संकल्पना-मानचित्रण, अन्वेषण एवं समस्या समाधान।
  • अभिप्रेरणा एवं इसके अधिगम के लिए निहितार्थ |
  • शिक्षण अधिगम की प्रक्रियायें, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2005 के संदर्भ में शिक्षण अधिगम की व्यूह रचना एवं विधियाँ।
  • आकलन, मापन एवं मूल्यांकन का अर्थ एवं उद्देश्य।
  • समग्र एवं सतत्‌ मूल्यांकन।
  • उपलब्धि परीक्षण का निर्माण।
  • सीखने के प्रतिफल।
  • क्रियात्मक अनुसन्धान।
  • शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 अध्यापकों की भूमिका एवं दायित्व।

English

  • Unseen Prose Passage
  • Synonyms, Antonyms, Spellings, Word-formation, One Word Substitution.
  • Unseen Prose Passage
  • Parts of Speech, Tenses, Determiners, Degrees of Comparison.
  • Framing Questions Including Wh-questions, Active and Passive Voice, Narration Knowledge of English Sounds and Phonetic Symbols.
  • Principles of Teaching English, Methods and Approaches to English Language Teaching.
  • Development of Language Skills, Teaching Learning Materials: Text books, Multi-media Materials and other resources.
  • Continuous and Comprehensive Evaluation, Assessment and Evaluation in Language.

हिन्दी

  • 1 एक अपठित गद्यांश में से निम्नलिखित व्याकरण संबंधी प्रश्न- 
  • शब्द ज्ञान- तत्सम, तद्भव, देशज, विदेशी शब्द, पर्यायवाची, विलोम, एकार्थी शब्द, उपसर्ग, प्रत्यय।
  • संधि और समास, संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, विशेष्य, अव्यय, वाक्यांश के लिए एक शब्द, शब्द शुद्धि।
  • 2 एक अपठित गद्यांश में से निम्नलिखित बिंदुओं पर प्रश्न –
  • रेखांकित शब्दों का अर्थ स्पष्ट करना, वचन, काल, लिंग ज्ञात करना, दिए गए शब्दों का वचन काल और लिंग बदलना, राजस्थानी शब्दों के हिन्दी रूप।
  • वाक्य रचना, वाक्य के अंग, वाक्य के प्रकार, पदबंध, मुहावरे और लोकोक्तियाँ, विराम चिन्ह।
  • भाषा की शिक्षण विधि, भाषा शिक्षण के उपागम, भाषा दक्षता का विकास।
  • भाषायी कौशलों का विकास – सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना, हिंदी भाषा शिक्षण में चुनौतियाँ, शिक्षण अधिगम।
  • सामग्री, पाठ्य पुस्तक, बहु-माध्यम एवं शिक्षण के अन्य संसाधन।
  • भाषा शिक्षण में मूल्यांकन, उपलब्धि परीक्षण का निर्माण समग्र एवं सतत्‌ मूल्यांकन, उपचारात्मक शिक्षण।

नोट – हिन्दी , अंग्रेजी एवं शिक्षा मनोविज्ञान का पाठ्यक्रम दोनों स्तर के लिए समान रहेगा ।

Environment Studies : पर्यावरण अध्ययन

  • परिवार – आपसी संबंध, एकल एवं संयुक्त परिवार, सामाजिक बुराईयां – (बाल विवाह, दहेज प्रथा, बालश्रम, चोरी), दुर्व्यसन (नशाखोरी, धूम्रपान) और इनके व्यक्तिगत, सामाजिक एवं आर्थिक दुष्परिणाम।
  • वस्त्र एवं आवास- विभिन्न ऋतुओं में पहने जाने वाले वस्त्र, घर पर वस्त्रों का रख-रखाव, हस्त करघा तथा पावरलूम, जीव जंतुओं के आवास, विभिन्न प्रकार के मानव-आवास; आवास और निकटवर्ती स्थानों की स्वच्छता, आवास निर्माण हेतु विभिन्न प्रकार की सामग्री।
  • व्यवसाय – अपने परिवेश के व्यवसाय (कपड़े सिलना, बागवानी, व्यवसाय – कृषि कार्य, पशुपालन, सब्जीवाला आदि), लघु एवं कुटीर उद्योग, राजस्थान राज्य के प्रमुख उद्योग, उपभोक्ता संरक्षण की आवश्यकता, सहकारी समितियांँ।
  • सार्वजनिक स्थल एवं संस्थाएं – सार्वजनिक स्थल जैसे विद्यालय, चिकित्सालय, डाकघर, बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन, सार्वजनिक संपत्ति (रोड लाइट, सड़क, बस, रेल, सरकारी इमारतें आदि); विद्युत और जल का अपव्यय; रोजगार नीतियाँ;
  • संसद, विधानसभा, राजस्थान के जिले एवं राजस्थान मे पंचायती राज, हमारी सभ्यता और संस्कृति – राष्ट्रीय प्रतीक, राष्ट्रीय पर्व, राजस्थान के मेले एवं त्यौहार, राजस्थान राज्य की वेशभूषा, राजस्थान का खान-पान, राजस्थान की वास्तुकला
  • राजस्थान के पर्यटन स्थल; राजस्थान की प्रमुख विभूतियां एवं गौरव । राजस्थान की विरासत (दुर्ग, महल, स्मारक) राजस्थान की चित्रकला, लोकोक्ति एवं लोकदेवता ।
  • परिवहन और संचार – यातायात और संचार के साधन, सड़क पर चलने और यातायात के नियम; संचार साधनों का जीवन शैली पर प्रभाव।
  • अपने शरीर की देख-भाल – शरीर के बाह्य अंग और अपने शरीर की देख-भाल – उनकी साफ-सफाई, शरीर के आंतरिक तंत्रों की सामान्य जानकारी,
  • संतुलित भोजन की जानकारी और इसका महत्व; सामान्य रोग (आंत्रशोथ, अमीयोबायोसिस, मेटहीमोग्लोबिन, एनिमिया, फ्लुओरोसिस, मलेरिया, डेंगू) उनके कारण और बचाव के उपाय, पल्स पोलियो अभियान।
  • सजीव जगत – पादपों और जंतुओं के संगठन के स्तर, सजीवों में विविधता, राज्य पुष्प, राज्य वृक्ष, राज्य पक्षी, राज्य पशु; संरक्षित वन क्षेत्रों (राष्ट्रीय उद्यान, अभयारण्य, बाघ संरक्षित क्षेत्र, विश्व धरोहर) की जानकारी; पादपों तथा जंतुओं की जातियों का संरक्षण; कृषि पद्धतियाँ ।
  • जल : जल, वन, नमभूमि और मरुस्थल की मूलभूत जानकारी, विभिन्न प्रकार के प्रदूषण एवं इनका नियंत्रण, जल के गुण, जल के स्त्रोत, जल प्रबंधन, राजस्थान मे कलात्मक जल स्त्रोत, पेयजल व सिंचाई स्त्रोत ।
  • हमारी पृथ्वी व अंतरिक्ष : सौर परिवार, भारत के अंतरिक्ष यात्री । पर्वतारोहण मे कठिनाइयाँ एवं काम आने वाले औजार, भारत की प्रमुख महिला पर्वतारोही । पर्यावरण अध्ययन के क्षेत्र एवं संकल्पना।
  • EVS का महत्व, समाकलित पर्यावरण अध्ययन, पर्यावरण अध्ययन, पर्यावरण शिक्षा के अधिगम सिद्धान्त, विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान के साथ अर्न्तसम्बन्ध एवं क्षेत्र संकल्पना प्रस्तुतीकरण के उपागम, क्रियाकलाप, प्रयोगात्मक/प्रायोगिक कार्य, चर्चा, समग्र एवं सतत मूल्यांकन, शिक्षण सामग्री/सहायक सामग्री, शिक्षण की समस्याऐ

प्रथम स्तर गणित

  • एक करोड़ तक की पूर्ण संख्याऐं, स्थानीय मान, तुलना, गणितीय मूल संक्रियाऐं – जोड़, बाकी, गुणा, भाग; भारतीय मुद्रा। भिन्न की अवधारणा, उचित भिन्नें, समान हर वाली उचित भिन्नों की तुलना, मिश्र भिन्नें, असमान हर वाली उचित भिन्नों की तुलना, भिन्नों की जोड़ बाकी, अभाज्य एवं संयुक्त संख्याएं, अभाज्य गुणनखण्ड, लघुत्तम समापवर्त्य, महत्तम समापवर्तक।
  • एकिक नियम, औसत, लाभ-हानि, सरल ब्याज। समतल व वक्रतल, समतल व ठोस ज्यामितिय आकृतियांँ; समतल ज्यामितीय आकृतियों की विशेषतायें; बिन्दु, रेखा, किरण, रेखाखण्ड; कोण एवं उनके प्रकार। लम्बाई, भार, धारिता, समय, क्षेत्रमापन एवं इनकी मानक इकाइयां एवं उनमें संबंध;
  • वर्गाकार तथा आयतकार वस्तुओं के पृष्ठ तल का क्षेत्रफल एवं परिमाप। गणित की प्रकृति एवं तर्क  शक्ति, पाठ्यक्रम में गणित की महत्ता, गणित की भाषा, सामुदायिक गणित, आंकड़ों का प्रबंधन । औपचारिक एवं अनौपचारिक विधियों द्वारा मूल्यांकन, शिक्षण की समस्याऐं, त्रुटि विश्लेषण एवं शिक्षण एवं अधिगम से संबंधित, निदानात्मक एवं उपराचात्मक शिक्षण

Reet Level 2 Maths & Science Syllabus

  • घातांक: समान आधार की घातीय संख्याओं का गुणा तथा भाग, घातांक नियम।
  • बीजीय व्यंजक: बीजीय व्यंजकों का योग, व्यवकलन, गुणा एवं भाग, सर्वसमिकाएं।
  • गुणनखण्ड: सरल बीजीय व्यंजकों के गुणनखण्ड।
  • समीकरण: सरल एकघातीय समीकरण ।
  • वर्ग और वर्गमूल
  • घन और घनमूल
  • ब्याज: सरल ब्याज, चक्रवृद्धि ब्याज, लाभ-हानि,
  • अनुपात एवं समानुपात : समानुपाती भागों में विभाजन, भिन्‍न।
  • प्रतिशतता, जन्म व मृत्यु दर, जनसंख्या वृद्धि, हास।
  • रेखा तथा कोण, रेखा खण्ड, सरल एवं वक्र रेखाएं, कोणों के प्रकार।
  • समतलीय आकृतियाँ: त्रिभुज, त्रिभुजों की सर्वांगसमता, चतुर्भुज तथा वृत्त, बहुभुज।
  • समतलीय आकृतियों का क्षेत्रफल एवं परिमाप: त्रिभुज, आयत, समान्तर चतुर्भुज एवं समलम्ब चतुर्भुज।
  • पृष्ठीय क्षेत्रफल तथा आयतन: घन, घनाभ एवं लम्बवृत्तीय बेलन
  • सांख्यिकी : आंकड़ों का संग्रह एवं वर्गीकरण, बारम्बारता बंटन सारिणी, मिलान चिहन, स्तम्भ (बार) लेखाचित्र
  • एवं आयत लेखाचित्र, वृत्तीय ग्राफ (पाई चित्र)
  • लेखाचित्र (ग्राफ): विभिन्‍न प्रकार के लेखाचित्र
  • प्रायिकता
  • गणित की प्रकृति एवं तर्क शक्ति
  • पाठयक्रम में गणित की महत्ता
  • गणित की भाषा
  • सामुदायिक गणित
  • मूल्यांकन
  • उपचारात्मक शिक्षण
  • शिक्षण की समस्‍यायें

Science ( विज्ञान )

  • सजीव एवं निर्जीव: परिचय, अन्तर एवं लक्षण
  • सूक्ष्म जीवः जीवाणु, वायरस, कवक – लाभकारी एवं अलाभकारी
  • सजीव: पौधे के प्रकार एवं विभिन्‍न भाग, पादपों में पोषण, श्वसन एवं उत्सर्जन, पादप और जंतु कोशिकाओं की संरचना और कार्य, कोशिका विभाजन
  • मानव शरीर एवं स्वास्थ्य- सूक्ष्म जीवों से फैलने वाले रोग (क्षय रोग, खसरा, डिप्थीरिया, हैजा, टाइफाइड)
  • रोगों से बचाव के उपाय, मानव शरीर के विभिन्‍न तंत्र, संक्रामक रोग – फैलने के कारण और बचाव, भोजन के स्त्रोत, भोजन के प्रमुख अवयव और इनकी कमी से होने वाले रोग, संतुलित भोजन।
  • जन्तु प्रजनन एवं किशोरावस्था: जनन की विधियाँ, लैंगिक एवं अलैंगिक, किशोरावस्था एवं यौवनारम्भ, शारीरिक परिवर्तन, जनन में हार्मोन्स की भूमिका, जननात्मक स्वास्थ्य
  • यांत्रिकी: बल एवं गति, बलों के प्रकार – पेशीय बल, घर्षण बल, गुरूत्व बल, चुम्बकीय बल, स्थिर वैद्युत बल, आदि
  • गति के प्रकार – रेखीय, वृत्ताकार, कम्पन, आवर्त एवं घूर्णन गति।
  • दाब, वायुमण्डलीय दाब, उत्प्लावन बल, कार्य एवं ऊर्जा, ऊर्जा के परम्परागत तथा वैकल्पिक स्रोत, ऊर्जा संरक्षण।
  • ताप एवं ऊष्मा: ताप एवं ऊष्मा का अभिप्राय, तापमापी, ऊष्मा संचरण।
  • प्रकाश एवं ध्वनि: प्रकाश के स्रोत, प्रकाश का परावर्तन, गोलीय दर्पण, समतल दर्पण व गोलीय दर्पण से प्रतिबिम्ब बनना, प्रकाश का अपवर्तन, लैंस एवं लैंस से प्रतिबिम्ब का निर्माण, ध्वनि, ध्वनि के अभिलक्षण, ध्वनि संचरण, ध्वनि प्रदूषण।
  • विद्युत एवं चुंबकत्व: विद्युत धारा, विद्युत परिपथ, विद्युत धारा के ऊष्मीय, चुंबकीय एवं रासायनिक प्रभाव, चुंबक एवं चुंबकत्व।
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी: दैनिक जीवन में विज्ञान का महत्व
  • संश्लेषिक रेशे तथा प्लास्टिक: संश्लेषिक रेशों के गुणधर्म एवं प्रकार
  • प्लास्टिक एवं इसके गुणधर्म, प्लास्टिक एवं पर्यावरण, डिटर्जेंट, सीमेंट आदि
  • चिकित्सा के क्षेत्र में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी – एक्स किरण, सी.टी. स्कैन, शल्य चिकित्सा, अल्ट्रासाउण्ड तथा लेजर किरणें
  • दूरसंचार के क्षेत्र में फैक्स मशीन, कम्प्यूटर, इन्टरनेट, ई-मेल तथा वेबसाइट की सामान्य जानकारी
  • सौर मण्डल: चन्द्रमा एवं तारे, सौर परिवार-सूर्य एवं ग्रह, धूमकेतु, तारामण्डल
  • पदार्थ की संरचना: परमाणु एवं अणु, परमाणु की संरचना, तत्व, यौगिक और मिश्रण, मिश्रण के अवयवों का पृथक्करण, तत्वों के प्रतीक, यौगिकों के रासायनिक सूत्र तथा रासायनिक समीकरण, भौतिक एवं रासायनिक
  • परिवर्तन।
  • रासायनिक पदार्थ: ऑक्साइड्स, हरित गृह प्रभाव और वैश्विक तापन, हाइड्रोकार्बन की सामान्य जानकारी, अम्ल, क्षार और लवण, ऑक्सीजन गैस, नाइट्रोजन गैस, नाइट्रोजन चक्र, कोयला, पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस।कृषि प्रबंधन: कृषि पद्धतियाँ, फसलों के प्रकार व उदाहरण, विज्ञान की संरचना एवं प्रकृति
  • प्राकृतिक विज्ञान: लक्ष्य एवं उद्देश्य, प्राकृतिक संसाधन,पर्यावरण, प्रदूषण व नियन्त्रण, जैव विविधता,अनुकूलन, कचरा प्रबंधन
  • जैव विकास
  • विज्ञान को समझना
  • विज्ञान की शिक्षण विधियाँ
  • नवाचार: पाठय सामग्री अथवा सहायक सामग्री मूल्यांकन समस्याएं, उपचारात्मक शिक्षण इत्यादि।

Reet Level 2 Social Studies Syllabus

  • भारतीय सभ्यता, संस्कृति एवं समाज –
  • सिन्धु घाटी सम्यता, संस्कृति, जैन व बौद्द धर्म, महाजनपदकाल।
  • मौर्य तथा गुप्त साम्राज्य एवं गुप्तोत्तर काल –
  • राजनीतिक इतिहास और प्रशासन, भारतीय संस्कृति के प्रति योगदान भारत 600-1000 ईस्वी. वृहत्तर भारत।
  • मध्यकाल एवं आधुनिक काल –
  • भक्ति और सूफी आन्दोलन, मुगल राजपूत संबंध; मुगल प्रशासन, भारतीय राज्यों के प्रति ब्रिटिश नीति, 1857 का विद्रोह, भारतीय अर्थव्यवस्था पर ब्रिटिश प्रभाव, पुनर्जागरण एवं सामाजिक सुधार, भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन (1885-1947)।
  • भारतीय संविधान एवं लोकतंत्र –
  • भारतीय संविधान का निर्माण व विशेषतायें, उद्देशिका, मूल अधिकार एवं मूल कर्त्तव्य, सामाजिक न्याय, बाल अधिकार व बाल संरक्षण, लोकतंत्र में निर्वाचन व मतदाता जागरूकता।
  • सरकार : गठन एवं कार्य –
  • संसद: राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं मंत्रिपरिषद्‌ उच्चतम न्यायालय, राज्य सरकार पंचायती राज एवं नगरीय
  • स्व-शासन – राजस्थान के विशेष संदर्भ में, जिला प्रशासन व न्याय व्यवस्था।
  • पृथ्वी एवं हमारा पर्यावरण –
  • सौर मण्डल, अक्षांश, देशान्तर, पृथ्वी की गतियां, वायुदाब एवं पवनें, चक्रवात एवं प्रति चक्रवात, महासागरीय परिसंचरण, ज्वालामुखी, भूकम्प, पर्यावरणीय समस्याएं एवं समाधान।
  • भारत का भूगोल एवं संसाधन –
  • भू-आकृतति, प्रदेश, जलवायु, प्राकृतिक वनस्पति, वन्य जीवन, बहुउद्देशीय, नदी घाटी परियोजनाएँ, मृदा, कृषि फसलें, उद्योग, खनिज, परिवहन, जनसंख्या, मानव संसाधन, विकास के आर्थिक एवं सामाजिक कार्यक्रम।
  • राजस्थान का भूगोल एवं संसाधन – भौतिक प्रदेश, जलवायु एवं अपवाह प्रणाली, झीले, मृदा जल-संरक्षण एवं संग्रहण, कृषि फसलें, खनिज एवं ऊर्जा संसाधन, राजस्थान की प्रमुख नहरें एवं नदी घाटी परियोजनाएं, परिवहन, उद्योग एवं जनसंख्या, पर्यटन स्थल, वन एवं वन्य जीवन।
  • राजस्थान का इतिहास – प्राचीन सभ्यताएँ एवं जनपद, राजस्थान के प्रमुख राजवंशों का इतिहास, 1857 की क्रांति में राजस्थान का योगदान, राजस्थान में प्रजामण्डल जनजातीय व किसान आंदोलन, राजस्थान का एकीकरण, राजस्थान के प्रमुख व्यक्तित्व।
  • राजस्थान की कला व संस्कृति – राजस्थान की विरासत (दुर्ग, महल, स्मारक), राजस्थान के मेले, त्योहार एवं लोक कलाएं, राजस्थान की चित्रकला, राजस्थान के लोक नृत्य एवं लोक नाट्य, लोक देवता, लोक संत, लोक संगीत एवं संगीत वाद्य यंत्र, राजस्थान की हस्तकला एवं स्थापत्य कला, राजस्थान की वेशभुषा एवं आभूषण राजस्थान की भाषा एवं साहित्य।
  • शिक्षाशास्त्रीय मुद्दे-I: सामाजिक विज्ञान, सामाजिक अध्ययन की संकल्पना एवं प्रकृति, कक्षा-कक्ष की प्रक्रियाएँ, क्रियाकलाप एवं विचार विमर्श, सामाजिक विज्ञान, सामाजिक अध्ययन के अध्यापन की समस्याएँ, समालोचनात्मक चिन्तन का विकास।
  • शिक्षाशास्त्रीय मुद्दे-॥: पृच्छा, आनुभाविक साक्ष्य, शिक्षण अधिगम सामग्री एवं सहायक सामग्री, सूचना एवं संचार प्रोद्योगिकी प्रायोजना कार्य , सीखने के प्रतिफल, मूल्यांकन।

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